क्या सच में गायब हो सकता है इंसान, जानिए इसके पीछे का रहस्य

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क्या इंसान का गायब हो पाना सचमुच में संभव है?? हाड़ –मांस के शरीर को आंखे देख न पाएं, ऐसा हो पाना मुमकिन है?? असमंजस के बीच जूझते इन सवालों पर लंबे वक्त से इंसानों की सोच टिकी हुई है। वैज्ञानिकों के आविष्कार, इंसानों की सोच और धारणा…हर रहस्य को जानिए इस वीडियो में….

गायब या अदृश्य होना हमेशा से ही मनुष्य की प्राचीन अभिलाषा (चाहत)रही है जिसके लिए इंसानों ने समय-समय पर तरह-तरह के प्रयोग किए हैं। इतना ही (Can humans really disappear) नहीं इसके लिए कई सिद्धांत भी गढ़े हैं।

इंसान के अदृश्य होने पर दुनिया में कई तरह की कहानियां प्रतलित हैं। देश में रामायण, महाभारत पर बने धारावाहिकों और फिल्मों ने ऐसा होने को लेकर आम इंसानों (आदमी) पर गहरी छाप छोड़ी है। 

अंतर्ध्यान शक्ति वेद, महाभारत और पुराणों में ऐसी कई कथाएं हैं जिसमें कहा गया है कि देवता अचानक प्रकट हुए और फिर अंतर्ध्यान हो गए, यानी गायब हो गए। मिस्टर इंडिया और हैरी पॉटर जैसी फिल्म ने इस धारणा को आधुनिक (एक नया) रूप दिया। मिस्टर इंडिया लाल चश्मा पहनते ही गायब हो जाता था तो हैरी पॉटर के पास इनविजिबिलिटी क्लॉक था। सिर्फ फिल्मों ने ही नहीं बल्कि किताबों ने  भी इंसानों की गायब होने की उम्मीद को हमेशा जिंदा रखा। मशहूर विज्ञान गल्पाकार एचजी वेल्स ने 1897 में प्रकाशित अपने सबसे लोकप्रिय उपन्यायस अदृश्य आदमी में गायब होने का फॉर्मूला दिया है।

हालांकि आज तक गायब होने फॉर्मूला या फिर कोई भी तारीका सामने नहीं आया है। लेकिन लोगों के गायब होने को लेकर बहुत सारे किस्से और कहानियां जरूर प्रचालित हैं। जिन्हें सच माना जाता है और जिनमें ये दावा किया गया है कि इंसान सच में गायब हुआ है। तो चलिए जानते हैं ऐसे कुछ दिलचस्प किस्सों के बारे में जिनमें ये दावा किया गया है कि इंसान सचमुच गायब हो सकता है……

ये बात साल 1975 की है… जब क्रिस्टीन जांसटन और उनके पति एलन जांसटन गर्मियों में उत्तरी ध्रुव की यात्रा पर गए थे। घूमते हुए चुलबुली क्रिस्टीन किसी बात पर खिलखिला कर जोर से हंसी और पगडंडी पर तेजी से भागी। अपनी पत्नी के इस मोहक अंदाज को कैमरे में कैद करने के लिए एलन कैमरे में व्यस्त हो गया। क्रिस्टीन दस-बारह कदम जाने के बाद सहसा रुकी और उसने मुस्कराते हुए अपने पति की ओर देखा। जिसके कुछ ही सेकेंडों के बाद एलन वहां नहीं था।

… यह देखकर क्रिस्टीन चौक गई । उसने अपने पति को आवाज लगाई, इधर-उधर खोजा, पर उसके बाद वह कभी नहीं आया। एलन जांसटन अपनी जगह पर खड़े-खड़े गायब हो गया था। रोती-कलपती क्रिस्टीन पुलिस के पास पहुंची। उसने अपने पति के खोने की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस के अधिकारी अपने खोजी कुत्तों को लेकर उस जगह पर पहुंचे, पर वे कुत्ते उस जगह से आगे नहीं बढ़ पाए, जहां पर क्रिस्टीन ने आखिरी बार अपने पति को देखा था। एलन के साथ क्या हुआ वो कहां गए ये आज भी एक रहस्य है। आज तक वो नहीं मिले और न ही इस बात का खुलासा हो पाया है कि वो आखिर गए कहां। 

चलिए अब बात करते हैं दूसरे किस्से के बारे में धरती से इंसानों के गायब होने के मामले अक्सर सुनने को मिलते रहे हैं। ऐसा ही मामला अमेरिका के टेनेसी स्थित गैलेटिन के निवासी डेविड लांग से संबंधित है। वे 23 सितम्बर 1808 को दोपहर में किसी काम से घर से बाहर निकले। उस समय उनका 8साल का बेटा डेविड लांग और 11 साल की बेटी सारा घर के बाहर खेल रहे थे।

… घर के बाहर ही डेविड की मुलाकात उनके न्यायाधीश मित्र आगस्टस पीक से हो गई। वे अपने एक दोस्त के साथ घुड़सवारी के लिए निकले थे। आगस्टस पीक से हाय-हैलो करने के बाद जैसे ही डेविड लांग आगे बढ़ा कि अचानक वह गायब हो गया। यह देखकर आगस्टस उनका साथी तथा डेविड के बच्चे हैरान रह गये। डेविड लांग के साथ क्या हुआ वो अचानक कहां गायब हो गए आज तक लोगों के मन में ये सवाल है।  

ऐसा नहीं है कि धरती से सिर्फ एक आध लोग ही गायब होने के समाचार मिलते रहे हैं। संसार में ऐसी घटनाएं भरी पड़ी हैं। जेएच ब्रेनन ने अपनी पुस्तक द अल्टीमेट एल्सव्हेयर में ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया है। ऐसी ही एक रोचक घटना 1930 में कनाडा के चर्चिल थाने के पास घटी।

… वह अगस्त-सितम्बर का महीना था। थाने से कुछ दूरी पर अंजिकुनी नामक एस्किमो की बस्ती थी। एक दिन अचानक पूरी बस्ती के लोग न जाने कहां गायब हो गये। आश्चर्य का विषय यह था कि उनके घरों के सारे सामान मौजूद थे। लेकिन लोग वहां नहीं थे। इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश तो कई लोगों ने की लेकिन आज तक इसमे कोई कामयाब नहीं हो पाया है।

सन 1885 में भी एक ऐसी ही घटना घटी थी। ये घटना तत्कालीन फ्रेंच इंडोचीन यानी की वर्तमान वियतनाम में घटी थी। उस समय वियतनाम में फ्रांसीसियों का राज था। एक दिन अपनी रोजाना गतिविधि के लिए सैनिकों की एक टुकड़ी ने सेगॉन शहर की ओर रूख किया। जैसे ही वह टुकड़ी सैनिक छावनी से जैसे ही एक मील गई, अचानक पूरी की पूरी टुकड़ी हवा में गायब हो गई।

फ्रांसीसी सेना ने इस संबंध में काफी पड़ताल की, पर उसका नतीजा कुछ नहीम निकला। उस सैनिक टुकड़ी में कुल 600 सैनिक थे। उन सैनिकों को आसमान खा गयी, या जमीन निगल गयी, इस बारे में कुछ भी आज तक पता नहीं चला।

ऐसी ही एक घटना 1939 के दिसंबर महीने में चीन के दक्षिण में स्थित नानकिंग घाटी में भी घटी थी। कहा जाता है कि उस दिन 3000 सैनिक अचानक गायब हो गये थे। आश्चर्य का विषय यह था कि उनके हथियार उसी जगह पर पड़े मिले, जहां पर सैनिकों को अंतिम बार देखा गया था।

उन दिनों नानकिंग पर जापानियों ने भीषण हमला किया था, इसलिए चीनी सैन्य अधिकारियों को लगा कि अवश्य ही उन सैनिकों को जापानियों ने बन्दी बना लिया होगा। परंतु युद्ध समाप्ति के बाद जब उसकी पड़ताल की गई, तो पता चला कि जापानियों ने इतनी बड़ी संख्या में कभी भी चीनियों को बंदी नहीं बनाया था।

जेएच ब्रेनन की पुस्तक द अल्टीमेट एल्सव्हेयर ऐसी तमाम घटनाओं से भरी पड़ी है। ब्रेनन का दावा है कि उन्होंने ये घटनाएं तमाम देशों की पुलिस फाइलों का अध्यययन करके पता की हैं। वे कहते हैं कि अवश्य ही धरती के बाहर कोई अदृश्य लोक है, जहां के प्राणी धरती के लोगों को पकड़ कर ले जाते हैं।

साथ ही ब्रेनन का यह भी विचार है कि इस तरह की घटनाएं सम्पूर्ण विश्व में होती रहती हैं, पर वहां की सरकारें उनपर पर्दा डाल देती हैं। वैज्ञानिक ब्रेनन की इस बात से  सहमत नहीं हैं कि धरती के बाहर कोई अदृश्य लोक जैसा हो सकता है। लेकिन ब्रेनन द्वारा उपलब्ध कराए गये आंकड़ों को लेकर वे भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।

ज्यादातर वैज्ञानिकों का इस संबंध में यही मानना है कि ये आंकड़े इतने प्राचीन हैं कि इनके बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं। ऐसे में दो सवाल हमारे जेहन में उठते हैं। पहला यह कि क्या ब्रेनन द्वारा उपलब्ध कराए गये आंकड़े पूरी तरह से फर्जी हैं? यदि ऐसा नहीं है तो फिर धरती से इंसान क्यों गायब हुए? विज्ञान इस विषय में पूरी तरह से मौन है।

धरती से मनुष्यों के गायब होने के मामले अक्सर सुनने को मिलते रहे हैं। वैज्ञानिकों भी इन बातों और किस्सों की सच्चाई जानने में लगे हुए हैं। फिलहाल तो देश-दुनिया में नैनो टेक्नोलॉजी के प्रयोग की लहर चल पड़ी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक नैनों किरणों की खोज में जुटे हुए हैं। अपने इन अभूतपूर्व प्रयासों में वैज्ञानिकों को जैसे ही सफलता मिलती है, वैसे ही बॉलीवुड की फिल्म मिस्टर इंडिया के अभिनेता (Can humans really disappear) अनिल कपूर की भांति इंसान अदृश्य हो सकेगा। यह चमत्कार नैनो तकनीकी की मैटा मैटेरियल रेज से होगा। वैज्ञानिकों ने भी कई ऐसे दावे किए हैं लेकिन इन दावों के पीछे की पूरी सच्चाई है ये बात अभी तक सामने नहीं आ सकी है। ऐसे में ये इंसान कब गायब हो सकेगा ये तो नहीं कहा जा सकता है। लेकिन कुछ दावों की मानें तो ये संभव जरूर हो सकता है।

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