आज के दौर में जब हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं…….. तो इस दौर में हम न इस तेजी को कम करना चाहते हैं और न ही रोकना चाहते हैं…….कारण ये है कि हम किसी से पीछे नहीं रहना चाहते हैं…..लेकिन इस आगे बढ़ाने के चक्कर में हम ऐसा बहुत कुछ है जो पीछे छोड़ रहे है….जो कि हमे उतनी ही तेजी से नुकसान दे रहा है……आज हम खुद को बड़ा दिखाने के लिए बड़ी –बड़ी बिल्डिंग और बड़े-बड़े घरों में रहते है….मगर वहां रहने के लिए हम एक बहुत बड़ी कीमत चुका रहे हैं..जिसका अंदाजा शायद हमकों आज नहीं है…..क्योंकि आज हम आगे बढ़ाने की रेस में सिर्फ भाग रहे हैं…….
आज हम खुद को आगे बढ़ाने के लिए नेचर को नुकसान पहुंचा रहे है….हम पेड़ पौधों को काट रहे है..जंगलों को जला रहे हैं और वहां पर बड़ी –बड़ी बिल्डिंग्स खड़ी कर रहे है…..पेड़-पौधों को काटने के कारण आज जितनी तेजी से हम आगे बढ़ रहे हैं…उतनी ही तेजी से पॉलियुशन भी बढ़ रहा है…….
खैर ये बात तो हम सभी जानते हैं,,,……लेकिन फिर भी कुछ नहीं कर रहे है……यहीं कारण है कि हमारी जिंदगी भी आज तेजी से कम हो रही है…..हम कोशिश तो बहुत करते है कि हेल्थी रहे …..लोग इसे लेकर अब काफी जागरूक भी हो गए है,…… लोगों ने हरी सब्जियां खाना शुरू कर दिया है,,,,…..इतना ही नहीं लोगों ने रोजाना योगा करना भी शुरू कर दिया है…..लेकिन इन सब से क्या होगा हम कुछ समय के लिए खुद को बिमारी से दूर रख लेगें…शायद एक दो साल के लिए अपनी उम्र भी बढ़ा लें….लेकिन नेचर से खिलवाड़ कर हम कितना दिन सहीं और सलामत रह सकते है……
आप भी सोच रहे होंगे की आज हम आपको नेचर,जिंदगी और मौत के बारे में इतना क्यों बता रहे हैं,,,,,…तो आपको बता दें कि आज हम ये बाते इसलिए कर रहे हैं क्योंकि आज हम आपको नेचर, जिंदगी और मौते के बारे में कुछ रहस्यमाई बातों के बारें में बताने जा रहे है……..चो चलिए जानते हैं आखिर क्या है इन तीनों से जुड़ा ये रहस्य…
ये तो हम सभी को पता है कि जो इस दुनिया में आया है वो एक दिन इस दुनिया से भी जाएगा जरूर……जिसे जिंदगी मिली है उसे मौत भी मिलेगी…..ये नेचर का दस्तूर है…. इसे चाह कर भी कोई नहीं बदल सकता है…..ये तो एक न एक दिन होना ही है…….लेकिन यहां पर सवाल ये नहीं है कि इसे रोका जा सकता है या नहीं….यहां पर सवाल ये है कि हमे ये तो पता है कि जिंदगी मिलने के बाद क्या होता है…..लेकिन हमे ये नहीं पता की मौत के बाद क्या होता है…… तो सवाल यही है कि आखिर मौत के बाद आत्मा के साथ क्या होता है…….क्या है नेचर का ये रहस्य……
जब भी किसी शख्स की मौत होती है तो सभी के मन में एक सवाल आता है कि अब इसकी आत्मा का क्या होगा…..हमारे पौराणिक ग्रंथ की माने तो आत्मा अजर है…..मरता सिर्फ शरीर है आत्मा नहीं…. वो हमेशा जिंदा रहती है…..और ये बात तो अब साइंस भी मान चुका है…..पुर्व जन्म इसका एक जीता –जगता उदाहरण है….जिसे साइंस ने भी सच मान लिया है…..लेकिन सवाल ये है कि मरने के बाद और पूर्व जन्म से पहले आत्मा का क्या होता है…..अह यहां पर एक और सवाल उठाता है कि अगर आत्मा जीवत रहती है तो क्या वो इस धरती पर ही रहती है…..तो क्या वो सब कुछ देखती है..सब कुछ जानती है…..खैर अब सवाल तो बहुत हो गए अब इनके जवाबों को ढ़ूढ़ते है…इन सवालों के जवाब हमे मिलेगें हिंदू धर्म के गरूड़ पुराण में…… जिसके अनुसार किसी भी शख्स के मरने के उपरांत उसकी आत्मा 13 दिनों तक अपनों के बीच रहती है….
गुरूड़ पुराण में इस बात को बताया गया है कि मौत के बाद आत्मा के साथ क्या होगा या फिर होता है ये सब पूरी तरीके से उसके कर्मों पर निर्भर करता है….जैसे ही आत्मा शरीर को छोड़ती है तो वह 24 घंटों के लिए यमदूतों के साथ रहती है….जिस दौरान उसके शरीर यानी की उसके पंचतत्व में विलीन करने का काम किया जाता है….जो कि उसके अपने या करीबी करते हैं……
इसके बाद 24 घंटे पूरे हो जाने के बाद उस आत्मा को 13 दिनों के लिए अपनों के बीच छोड़ दिया जाता है…. इन 13 दिनों तक चलने वाली रस्मों के पूरे हो जाने के बाद आत्मा फिर से यमलोक वापस चली जाती है…..जहां उसे उसके कर्मों के आधार पर लोक की प्राप्ति होती है जहां उसे अपने कर्मों को भोगना पड़ता है…. लोक से मतलब मृत्यु लोक, बैकुंठ या फिर नरक लोक से है,,,,….
गरूड़ पुराण में सिर्फ यहीं तक नहीं बताया गया है…बल्कि इसके आगे की कहानी भी गरूड़ पुराण में बताई गई है…… गरूड़ पुराण में कहा गया है कि शवदाह के बाद कभी भी पीछे नहीं मुड़ना चाहिए….ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय उस शख्स की आत्मा वहां मौजूद होती है….जो कि ये सब देख रही होती है….वो अपने शरीर को पंचतत्व में विलीन होते हुए देख रही होती है….ऐसे में पीछे मुड़कर देखने के कारण (जानिए मारने के बाद आत्मा के साथ क्या होता है) उस शख्स को मोह आता है….इस मोह के कारण वह उनके साथ वापस लौटना चाहती है…..इसी लिए इस तरह की बाते कही जाती हैं कि कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए….पीछे मुड़कर न देखने से उस आत्मा को इस मोह के जाल से निकलने में आसानी होती है….
यही सारी बातें गीता में भी कही गई हैं…श्री कृष्ण द्वारा भी कहीं गई हैं कि आत्मा कभी भी नहीं मरती है…. वो अजर है अमर है…..गीता में श्री कृष्ण जी कहते हैं कि शरीर तो आत्मा के लिए एक वस्त्र की तरह है…..आत्मा समय-समय पर अपने वस्त्र बदलती रहती है….खैर इस बात में कितनी सच्चाई है ये तो हम नहीं कह सकते हैं…..लेकिन आप ये बात माने ये फिर न माने मगर ये बात तो बिल्कुल सच है कि आत्मा कभी नहीं मरती है….. तभी तो लोगों के पुन जन्म लेने के कई मामले सामने आएं है….. भारत की क्यों ऐसे कई मामले पूरी दुनिया में सामने आएं है….. खुद साइंस ने इस बातो को माना ही नहीं बल्कि सिद्ध भी किया है कि लोगों का पुन जन्म हुआ…..खैर नेचर तो ऐसी चुनौती है जिसे हम जितना ज्यादा जानने की कोशिश करेंगें हम उसमें उतना ज्यादा उलझते चले जाएंगे….ये दुनिया रहस्यों से भारी पड़ी है…..अगली बार हम आपसे फिर मिलेगें ऐसे ही एक रहस्य से पर्दा उठाने के लिए और नेचर के कुछ राज जानने के लिए……

Search visibility depends on several factors, making it useful to evaluate services such as group seo tool. More details are available at https://groupbuyseotools.link/.
A data-driven marketing approach can include researching group buy seo tools semrush alongside other solutions for competitor analysis, keyword discovery, and backlink monitoring. Learn more at https://groupbuyseotools.link.