दिल्ली के ब्रह्मपुरी और मौजपुर इलाके में तीसरे दिन भी पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शन जारी है। रविवार से शुरू हुई हिंसा में अब तक एक हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। वही एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है,मोदी ने जिन सांपों को आपने पाला है, वही आपको काटेंगे “।

ओवैसी ने मोदी से कहा कि जिन सांपों को आपने पाला है, वही आपको काटेंगे-
ओवैसी ने नाम लिए बिना भाजपा के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया है। ओवैसी ने ट्वीट किया कि यह दंगा एक पूर्व विधायक और भाजपा नेता के उकसाने का परिणाम है। इसमें पुलिस के शामिल होने के भी स्पष्ट सबूत हैं। पूर्व विधायक को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हिंसा को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिएं, नहीं तो यह और फैलेगी। ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि जिन सांपों को आपने पाला है, वही आपको काटेंगे।
‘शाह आपकी पुलिस भारतीयों की गरिमा छीन रही’
ओवैसी ने एक और ट्वीट में कहा कि अमित शाह आपकी पुलिस भारतीयों की गरिमा को छीन रही है और उन्हें बिना किसी कारण के अपमानित कर रही है। अभी कार्रवाई करो। इस पुलिस को कानून के तहत उच्चतम संभव सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि “दिल्ली में हुई हिंसा की मैं निंदा करता हूं, जिसमें पुलिस और कई नागरिक मारे गए। यह देश के लिए शर्म की बात है कि विदेशी मेहमान हमारी धरती पर आए हैं और हिंसा भड़की है।” औवेसी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में शांति स्थापित करने की मांग की। साथ हिंसा को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस पर दबाव बनाने की भी बात कही।
हिंसा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार: मोदी
दिल्ली हिंसा पर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि 2-3 महीने से सीएए और एनआरसी को लेकर प्रदर्शन, हिंसा हो रही है, पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। सरकारी पक्ष के लोग भड़काऊ बयान देते हैं, गोली मारने की भाषा बोलते हैं। कपिल मिश्रा कहते हैं ट्रंप के जाने के बाद निपट लेंगे। इस तरह से लोकतंत्र में सरकारें काम नहीं करतीं।
देश के खिलाफ बड़ी साजिश: किशन रेड्डी
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि ट्रंप के दौरे के समय हिंसा होना बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। गृह मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सीएए विरोधियों को इस पर जवाब देना चाहिए।
शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का प्रतीक, हिंसा सही नहीं: राहुल
दिल्ली में की हिंसा परेशान करने वाली है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। शांतिपूर्ण विरोध स्वस्थ लोकतंत्र का प्रतीक है, लेकिन हिंसा को कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। मैं दिल्ली के नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वो उकसावे पर संयम और समझ दिखाएं।

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