Movie Review: न इश्क में जुनून, न अदाकारी बेमिसाल, कुछ फीकी सी है इम्तियाज़ की ‘लव आजकल 2’

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लव आजकल 2’ आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है. इस फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है. इम्तियाज बॉलीवुड के उन डायरेक्टर्स में से एक हैं, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में बेहद अनोखी लव स्टोरीज पेश की हैं. इम्तियाज की फिल्मों से सभी को काफी उम्मीद रहती है. पर्दे पर हीरो हिरोइन को, उनका प्यार करवाने का अनोखा तरीका दिल को छू जाता है.

इम्तियाज की पिछली फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के बॉक्स ऑफिस पर पिटने के बाद, वह दो साल बाद सारा और कार्तिक की ‘लव आजकल 2’ से कमबैक कर रहे हैं. ये इम्तियाज़ की ही फिल्म है जिसका उन्होंने दोबारा रीमेक बनाया है. लेकिन दर्शकों के फर्स्ट डे फर्स्ट शो के रिव्यू देखने के बाद लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को इंप्रैस करने में कहीं न कहीं चूक गई है. चलिए जानते हैं इस फिल्म का रिव्यू-

क्या है इस फिल्म की कहानी?

इस फिल्म की कहानी की शुरूआत होती है जोई (सारा अली खान) और वीर (कार्तिक आर्यन) से जो कि एक नाइट क्लब में मिलते हैं. ये दोनों पहली मुलाकात में ही हुकअप करने के लिए रेडी हो जाते हैं, लेकिन वीर को एहसास होता है कि जोई ही उसकी ड्रीम गर्ल है और उसे लव एट फर्स्ट साइट हो जाता है. वहीं, इसके उलट जोई के लिए उसके करियर से ऊपर कुछ भी नहीं होता. इसके बाद जोई की मुलाकात कैफे के मालिक राज (रणदीप हुड्डा) से दिखाई गई है जो उसे अपनी 90 के दशक की प्रेम कहानी सुनाने लगता है.

राज की जवानी का किरदार भी रघु के तौर पर कार्तिक आर्यन ने ही निभाया है. 1990 की इस कहानी में रघु की गर्लफ्रेंड दिखाई गई है लीना (आरुषि शर्मा). आज के प्‍यार की कहानी में जोई कंफ्यूजन में है कि वह प्‍यार चुनें या करियर. रघु अपनी प्रेम कहानी के माध्यम से जोई को समझाने की कोशिश करता है कि करियर के साथ-साथ एक अच्छे साथी की भी जरूरत होती है. लेकिन फ्लैशबैक में घूमती यह कहानी खुद इतनी कंफ्यूज़िंग लगती है कि समझ नहीं आता कि इसे बनाने का उद्देश्य क्या था.

क्या है इस फिल्म में खास?

इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत हैं कार्तिक आर्यन. उन्होंने न केवल अपने दोनों किरदारों को बखूबी निभाया है बल्कि इस पूरी फिल्म में अपनी क्यूट लवर बॉय वाली इमेज से फिल्म में जान भी डाली है. हालांकि, उनके दोनों ही किरदारों को इम्तियाज़ अली ठीक से बैठा पाने में नाकामयाब रहे हैं. वहीं अगर बात करें फिल्म के सपोर्टिंग कैरेक्टर्स की तो रणदीप हुड्डा और आरूषी शर्मा ने अपने किरदारों को अच्छे से निभाया है, लेकिन इनके किरदार इतने दबे हुए दिखते हैं कि दर्शकों तक ये किरदार अपनी छाप छोड़ने में असफल होते हैं. फिल्म बीच में थोड़ी स्लो हो जाती है.

सारा अली खान

सारा अली खान उर्फ जोई की एक्टिंग की बात करें तो इस बार सारा अली खान अपने फैंस को निराश करती नज़र आ रही हैं. ‘लव आजकल 2’ उनके करियर की ‘राज़ी’ हो सकती थी लेकिन वह पूरी तरह चूक गई हैं. सारा के किरदार जोई को सबसे ज्यादा स्क्रीनस्पेस दिया गया लेकिन सारा ने इसे ठीक से यूटिलाइज़ नहीं किया. वो फिल्म में हद से ज्यादा ओवर एक्टिंग करती हैं और इमोशनल सीन्स में भी दर्शकों को अपने साथ बांध पाने में नाकामयाब रहती हैं.

फिल्म की नकारात्मक बातें:

इम्तियाज की लव आजकल की नकारात्मक बातों की लिस्ट बनाने के लिए बैठा जाए तो शाम हो जाएगी. लेकिन शॉर्ट एंड सिंपल तरीके में अपनी बात कहें तो इम्तियाज एक बाक फिर से अपनी कहानी को पर्दे पर उकेरने में असफल हुए हैं. न तो उन्होंने किरदारों के बैकग्राउंड्स को ठीक से बिठाया है और न ही फिल्म में दिखाए गए अमेज़िंग शहर दिल्ली और उदयपुर का ठीक से यूज़ किया है. इन्होंने सीन्स को जोड़-जोड़ कर फिल्म बना दी है जो काफी कंफ्यूज़िग लगती है, जैसे बिना ताल के गीत. यह फिल्म 30 मिनट के बाद काफी बोरिंग लगने लगती है.

इस फिल्म को देखने जाएं या नहीं?

अगर आप कार्तिक आर्यन के बहुत बड़े फैन हैं तो लव आजकल देखने जा सकते हैं. क्योंकि इस फिल्म में न तो सारा की खूबसूरती का जादू दिख पाया है न ही इम्तियाज की बाकि हिट फिल्मों वाला जादुई टच. सारा कार्तिक की कैमेस्ट्री भी बड़े पर्दे पर कुछ खास जादू नहीं चला पाई है. कार्तिक इस फिल्म के लिए रक्षक साबित होते हैं. 30 मिनट बाद फिल्म का पहिया धीमा हो जाता है और आप इंतज़ार करते रहते हैं कि कब हाई प्वाइंट आएगा. हम अपनी ओर से ‘लव आजकल’ को 2.5 स्टार्स देते हैं.

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