नवरात्र में नव दुर्गा को चढ़ाएं यह भोग, सिद्ध होगी मनोकामना

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हमारे हिन्दू धर्म में हर पूजा का एक विशेष महत्व है. फल की प्राप्ति के लिए कुछ विशेष अनुष्ठान, व्रत पूजा की विधि तथा कुछ सामग्री का प्रयोग किया जाता है , उसी प्रकार नवरात्रों में भी माँ दुर्गा की पूजा का विशेष  महत्व है , इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन किया है, कुछ भोग तथा विशेष प्रकार की पूजन विधि (Navratri 2019 Start Date) से माँ के सभी स्वरूप प्रसन्न होते है और भक्तों की सभी मनोकामना को पूर्ण होती है.

माता के स्वरूपों व उनको चढ़ाये जाने वाले भोग का विवरण इस प्रकार है-

प्रथम माँ शैलपुत्री – माता शैलपुत्री को चढ़ाये जाने वाले भोग का रंग सफ़ेद होना चाहिए ,तथा उनको  गाये का शुद्ध घी उन्हें अर्पित करना चाहिए , भक्त को पीला वस्त्र धारण करना चाहिए , ऐसा करने से व्यक्ति के हर प्रकार के रोग दूर होते है.

 द्वितीय माँ  ब्रह्मचारिणी

 नवरात्र के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है, जिसमें भक्त को हरे रंग का कपड़ा विशेष रूप से पहनने चाहिए तथा शक्कर का भोग लगाना चाहिए , इस दिन मिश्री या शक्कर का दान करना चाहिए जिससे आयु लम्बी होती है,

 तृतीया माँ चंद्रघंटा -माँ चंद्रघंटा को विशेष रूप से दूध से बने पकवानों जैसे खीर व बर्फी का भोग लगाया जाता है, तथा ये आस्था है की माँ चंद्रघंटा की उपासना करने से व्यक्ति की सभी परेशानियों का नाश होता है. ,

 चतुर्थ माँ कुष्मांडा – माँ कुष्मांडा की पूजा में व्यक्ति  नारंगी वस्त्र पहन कर आटे  व घी से बने पुआ का भोग लगाना चाहिए तथा इस दिन जरूरत मंद व्यक्ति को दान देने से आपके ज्ञान का विकास होता है,

पंचम स्कंद माता – नवरात्र के पाँचवें दिन स्कंद माता को पूजा जाता है तथा केले को प्रसाद के रूप में अर्पित करना चाहिए. उजले वस्त्र  करना चाहिए ऐसा करने से सद्बुद्धि का विकास होता  है,

 षष्टम माँ कात्यायनी – माँ कात्यायनी की पूजा लाल रंग के वस्त्र में करनी चाहिए और शहद का भोग उन्हें अर्पित करना चाहिए ,ऐसा करने से सुन्दर रूप की प्राप्ति होती है,

 सप्तम् माँ कालरात्रि – सातवाँ स्वरूप माँ कालरात्रि का है, नीले रंग के वस्त्र पहन कर माँ को गुड़ का भोग लगाना चाहिए ,ऐसा करने से साधक का दुख दूर होता है ,

 अष्टम माँ गौरी – श्रद्धालु को गुलाबी रंग के वस्त्र पहन के नारियल से माँ का भोग लगाना चाहिए, यदि नारियल को अपने सर से घुमा के बहते जल में प्रवाहित करें तो ऐसा मन जाता है की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है,

 नवम माँ सिद्धिदात्री – माँ सिद्धिदात्री की पूजा के दौरान विशेष रूप से बैंगनी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए तथा विभिन्न प्रकार के अनाजों का भोग लगाना चाहिए जैसे :- चना, हलवा, खीर आदि। साथ ही गरीबों को दान करना चाहिए इससे सुख व शांति  प्राप्ति होती है, (Navratri 2019 Start Date)

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