पाकिस्तान ने घोषित की नेशनल एमरजेंसी, वजह कोरोनावायरस नहीं बल्कि उससे भी गंभीर

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courtesy: social media

नई दिल्ली, 2 फरवरी 2020ः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने  देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। हालांकि इसकी वजह कोरोनावायरस बिलकुल नहीं है। दरअसल इसका कारण वहां हाल ही में हुआ डेजर्ट लोकस्ट यानी फसल बर्बाद करने वाली टिड्डियों का हमला। टिड्डियों के झुंड पाकिस्तान में बड़े स्तर पर फसल तबाह कर रहे हैं । इनसे निबटने  के लिए आखिरकार इमरान खान को मजबूर होकर वहां आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी है।

पंजाब प्रांत में जमकर तबाही

पाकिस्तान के कृषि क्षेत्र में पंजाब प्रांत का 69 फीसद योगदान है। टिड्डियों  ने सबसे ज़्यादा यहीं फसलें बर्बाद की हैं। इस आपदा से निबटने के लिए इमरान खान ने सभी प्रांतों के मंत्रियों के साथ बैठक बुलाई जिसमें एक नेशनल एक्शन प्लान बनाया गया है। इस प्लान के तहत टिड्डियों को ख़त्म करने की योजना बनाई गयी। साथ ही अनुमान है की इनके द्वारा किये गए नुकसान की भरपाई के लिए भारत के पडोसी देश को 7.3 अरब रुपये की जरूरत पड़ेगी।

सरकारी लापरवाही से बढ़ी मुसीबत

पाकिस्तानी अखबारों की माने तो पाकिस्तानी सरकार ने टिड्डियों के झुंडों को रोकने में देरी की। साथ ही अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते ये काफी रफ्तार से पनपी। नतीजतन हालात ये हैं कि पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

भारत में भी तबाही

डेजर्ट लोकस्ट केवल पाकिस्तान पर ही नहीं पर सीमा से लगे भारतीय इलाकों में घुसकर फसलें तबाह कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पिछले 60 वर्षों में टिड्डियों का यह सबसे भयावह हमला है। विशेषज्ञों के मुताबिक पूर्वी अफ्रीका में पिछले साल अक्टूबर तक जमकर बारिश हुई जिसके चलते इतने बड़े स्तर पर टिड्डियों को पनपने में मदद मिली।

सेमालिया में भी आपातकाल

हाॅर्न ऑफ़ अफ्रीका यानी अफ्रीका के पूर्वी इलाकों में भी ये टिड्डियां जमकर कहर बरपा रही हैं। खाद्य सुरक्षा के मामले में पहले से ही कमजोर सोमालिया भी इनकी चपेट में है।इसके चलते वहाँ भी आपातकाल घोषित कर दिया  गया है। वहां ये टिड्डियां न सिर्फ फसलें तबाह कर रही हैं बल्कि मवेशियों को भी इनसे खतरा है। एक स्थानीय खाद्य सुरक्षा संस्था के मुताबिक पूर्वी अफ्रीका में पहले ही 1.9 करोड़ लोग भुखमरी का शिकार  हैं उसपर फसलों के तबाह होने से स्थिति और खराब होगी।

ग्लोबल वार्मिंग है जिम्मेदारी

दुनियाभर के वैज्ञानिकों की माने तो ग्लोबल वार्मिंग की वजह से जैसे-जैसे धरती का तापमान बढ़ेगा वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर संकट भी गहरा होता जाएगा। दरअसल इससे समुद्र स्तर बढ़ रहा और दुनियाभर में जमकर बारिश और बाढ़ के हालात बन रहे हैं। इससे दो स्तर पर ताबाही होनी है। पहली प्रत्यक्ष रूप से बाढ़ से और अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे कीटों की संख्या बढ़ेगी जो फसलों को तबाह करने में सक्षम होंगे।

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